तुलसी और दूध के फायदे जानकर चौंक जायेंगे आप

तुलसी और दूध के फायदे जानकर चौंक जायेंगे आप

हेल्लो दोस्तों आज इस पोस्ट में हमलोग जानेंगे की रोजाना दूध पीना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि तुलसी को अगर दूध के साथ मिला लिया जाये तो ये कई बीमारियों के लिए रामबाण साबित होती है। 

फ्लू से राहत दिलाये
तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल सर्दी जुकाम में लोग काढ़ा बनाने में करते हैं लेकिन अगर आप तुलसी की पत्तियों को दूध में उबालकर पिएंगे तो फ्लू से बचाव हो सकता है। तुलसी में एंटी इन्फ्लेमेट्री तत्व मौजूद होते हैं जो फ्लू से बचाव करने में मदद करेंगे।

ह्दय स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर करे

जिन लोगों को ह्दय रोग हो चुका हो या उनके परिवार में किसी को पहले हुआ हो और उन्‍हें होने की संभावना हो, तो ऐसे लोगों को रोज सुबह खाली पेट दूध और तुलसी का सेवन करना चाहिए। इससे ह्दय स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा हो जाता है।

माइग्रेन में भी फायदेमंद 
हल्दी और तुलसी दोनों को एक साथ मिलाकर पीने से माइग्रेन के दर्द में आराम मिलता है। इसके साथ ही सेहत के लिए भी लाभकारी होता है।

पथरी की समस्या से दिला सकता है छुटकारा 
दूध में तुलसी मिलाकर पीने से किडनी में स्टोन की समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है। इसके रोजाना सेवन से पथरी धीरे-धीरे गलने लगेगी।

कैंसर जैसी बीमारी से कर सकता है बचाव

तुलसी और दूध को एक साथ मिलाकर पीने से कैंसर जैसी बीमारी से भी बचाव संभव है। तुलसी में कई एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और दूध में पोषक तत्व। इसे पीने से शरीर कमजोर नहीं हो पाता और बीमारी से बचाव होता है।

तनाव कम करे 

इस पेय को पीने से मन अच्‍छा हो जाता है और नर्वस सिस्‍टम भी रिलैक्‍स हो जाता है जिससे व्‍यक्ति का तनाव अपने आप कम हो जाता है। अगर कोई डिप्रेशन या चिंता से ग्रस्‍त है तो उसे तुलसी और दूध का सेवन अवश्‍य करना चाहिए।

Note – पोस्ट अच्छा लगे तो अपने दोस्तों को शेयर करके जरुर पढाये हो सकता है ये उनके लिए फायदेमंद साबित हों !

डिसक्लेमर :- इस वेबसाइट में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है।अतः इसकी नैतिक जिम्मेदारी हमारी नहीं है। Ayurvedgyan.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य सलाह लें लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है !